राजनीति

नयी सोच नयी क्रांति

40 Posts

1427 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 8082 postid : 401

"तुम जियो हजारों साल"

Posted On: 10 Sep, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जे जे के सम्मानित एवम हम सभी के प्रिय और आदरणीय जनों को जन्मदिन कि हार्दिक शुभकामनाएँ

3sep3-SEP

6 sep6-SEP    7 sep7-SEP

15 sep

15-SEP

छोटी उम्र में बढ़ – चढ़ कर, क्या अचलों का गुणगान करूँ,

पावन जीवन में मिल जाएँ, बढ़ हाँथ जोड़ प्रणाम करूँ,

करूँ इन्हें प्रणाम कि जिनने, हमलोगों को दिशा दिखाई,

मर्यादा का मान कराकर, सत्य पथों कि राह बताई,

हर्षकृति गहने वाले, निर्भीक भाव कहने वाले,

उन  गुरुओं का है वर्षगाठ, जीवनचरित्र जिनका विराट,

है शब्द – शब्द में सूर्य तेज, पवमान जैसा विकराल वेग,

हैं शांत जैसे जलधि का जल, जब उठे तो लहरों में हलचल,

जग – व्यथा दिखाते है जब – जब, फटने लगती  हैं भूमि-अचल,

जब वार कलम का करते हैं, कुछ अतुल-शब्द बन पड़ते हैं,

सत्-सत् नमन मै करता हूँ, पुनः प्रणाम मैं  करता हूँ,

दे सकता ना कुछ भी इनको, पर माँग रहा लंबी आयु,

यूँही  इनका  फैलाव बढे, जैसे चलती शीतल वायु,

दे मार्ग सभी को प्रेम का बस, आशीर्वाद सभी पर बनी रहे,

बस यही आग्रह है मेरा, “ये धार कलम कि बनी रहे”

ANAND PRAVIN

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (9 votes, average: 4.89 out of 5)
Loading ... Loading ...

32 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shashibhushan1959 के द्वारा
October 7, 2012

मान्यवर आनंद जी, शुभकामनाये ! क्या कहूं ? क्या सफाई दूं ? अगर ये कहता हूँ कि उस समय मैं सम्पूर्ण परिवार की अस्वस्थता को लेकर जूझ रहा था, जिसमें मैं स्वयं भी शामिल था, तो भी इस भूल की गुरुता कम नहीं होती ! पर अब केवल पछताने और क्षमा मांगने के अतिरिक्त कोई उपाय नहीं है ! आपकी सहृदयता और सदाशयता के लिए मैं ह्रदय से आभारी हूँ, और पुनः एक बार खेद प्रकट करता हूँ ! आप जीवन-पथ पर निरंतर, निर्बाध और निडर हो आगे बढ़ते रहें, यही इश्वर से प्रार्थना है !

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    October 8, 2012

    आदरणीय सर, सादर प्रणाम सर्वप्रथम सेहत जल्द अच्छी होने की कामना सर परिवार सहित……आजकल मौसम भी थोड़ा विपरीत है सर्द गर्म का………… देर से आने से ही सही आपके आगमन से ही रचना में पूर्णता आ गई सर………..थोड़ी सी कोशिश थी कुछ अच्छा लिख आप गुरुजनों को एक प्रणाम करने की सो कोशिश सफल हुई लगती है………आशीर्वाद बना रहे बस

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
September 27, 2012

शशिभूषण भ्राता श्री “”जब शब्द–शब्द मिल जाते हैं, खन–खन सा शोर मचाते हैं, मैं सोच – सोच बौराता हूँ, यह भाव कहाँ से आते हैं ई””” क्या लाजवाब कमेन्ट है ! मैं सोचता था की सिर्फ मैं ही बौराता हूँ !

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    किन्तु सर उनके आशीर्वाद की कमी यहाँ खल रही है…………उनकी बात को यहाँ दर्शाने के लिए आभार सर

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
September 23, 2012

पहले तो समझा की आपने हमें आशीष दिया हजारों साल मै रहूँ यूं ही लिखता रहूँ भ्रमर बन उड़ता रहूँ इस गुल-गुलशन में ….ह हा लेकिन फिर आप का नवीन प्रवीण कार्य देखा सुन्दर माला बनायी गयी आप के द्वारा.. हम भी आदरणीया निशा जी , आदरणीया अलका जी , प्रिय शशि भाई , और आदरणीय प्रदीप भैया जी को दीर्घायु होने की कामना करते हैं और प्रभु से इन पर इन के मन के सपने को पूर्ण करने की दुआ और प्रार्थना करते हैं … भ्रमर ५

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आप भ्रमर थे हैं और सदेव रहेंगे सर……………आशीर्वाद हेतु आभार

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
September 16, 2012

प्रिय आनंद जी, sasneh मैं मंच पर नहीं था. आज आपकी भावनाओं से पुनः अवगत हुआ. आशीर्वाद के सिवा मैं आपको क्या दे सकता हूँ. मेरे सपनो का भारत आप जैसे नवयुवकों के हाथ में है. नीचे प्रतिक्रिया भी देखी. सभी को धन्यवाद इतना स्नेह प्रदान करने हेतु. इन्हें भी इनके उज्जवल सुखी भविष्य हेतु शुभ कामनाएं. भाव एवं रचना हेतु बधाई.

    September 17, 2012

    नाना जी बहुत भोले है आप….महाशय ने क्या आपको जन्म दिन मुबारक की …..इसके बदले में आप तो इन्हें पूरा देश दे दिए…………….ये तो शादी के बाद इस कदर बेहोशी के आलम में गए हैं कि हम शक हो रहा है कि ये जिन्दा भी है कि नहीं. …….मैं पूजा-पाठ तो नहीं करता परन्तु जबसे इनकी शादी हुई है सुबह ४ बजे स्नान करके अगरबत्ती गाड़ के बस यही प्रार्थना करता हूँ कि प्रभु कुछ ऐसा कर कि जो सेवा तुलसी दास की पत्नी ने तुलसी दास की किया था. वही सेवा भाभी जी इन साहब का कर दे शायद इनकी बेहोशी टूट जाये…………..अब तो सब कुछ प्रभु के ही हाथ में है .देखिये क्या होता है …………उम्मीद के सिवा क्या किया जा सकता है……….

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आपका आशीर्वाद मिल गया सर फिर और क्या चाहिए…………..बस शशि सर की कमी रह गई………………..

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    कितने भी तू कर ले सितम हंस हंस के सहेंगे हम…………….ये …….

ashishgonda के द्वारा
September 12, 2012

आदरणीय आपका ये बधाई देने का तरीका मुझे बहुत पसंद आया.. सुन्दर काव्य प्रस्तुति के लिय धन्यवाद…

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आशीष जी आपका धन्यवाद

krishnashri के द्वारा
September 12, 2012

प्रिय आन्नद जी , सादर , आपके माध्यम से मै भी इन सभी महानुभाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ . आपने मेरी बिमारी में मेरा हाल चाल पूछा इसके लिए धन्यवाद .

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आपके न रहने पर मंच पर खुच खालीपन जन्म लेने लगता है सर…….आपके विचार बहुत अच्छे और सटीक है आशीर्वाद बनाय रखियेगा ………..

yogi sarswat के द्वारा
September 12, 2012

जग – व्यथा दिखाते है जब – जब, फटने लगती हैं भूमि-अचल, जब वार कलम का करते हैं, कुछ अतुल-शब्द बन पड़ते हैं, मित्र आनंद प्रवीण जी , आपने इन मूर्धन्य लोगों को जन्मदिन की जो शुभकामनाएं दी हैं , बड़ा ही नया रूप दीखता है ! मेरी तरफ से भी इन सभी सम्मानित और आदरणीय सज्जनों को बहुत बहुत बधाई और बधाई आपको भी , की आपने इनके जन्मदिन में हमें शामिल किया ! असल में ये सज्जन , इस मंच की न केवल शोभा हैं बल्कि हम जैसे नव लेखको ( मान लेता हूँ अपने आप को भी ) को मार्गदर्शन कर रहे हैं ! ये वास्तव में हमारे गुरु भी हैं जिनके आशीर्वाद से ही हमें प्रेरणा मिल जाती है ! मैं सौभाग्यशाली हूँकि मुझे इन महान लोगों के साथ विचार साझा करने का अवसर प्राप्त है ! आदरणीय निशा जी मित्तल को इस मंच का हर ब्लोग्गर , माँ के जैसा आदर देता है , आदरणीय अलका गुप्ता जी अपनी लेखनी से और अपनी प्रतिक्रियाओं से इस मंच को हमेशा जीवंत रखती हैं ! आदरणीय श्री शशि भूषण जी , जिनसे मैं हर रूप में प्रभावित हूँ ! मैंने कहा भी है , अगर प्रेम चाँद भी आज होते तो श्री शःसी भूषण जी की तारीफ करते और अगर बात करें , इस मंच को सजाने की तो आदरणीय श्री प्रदीप कुशवाहा जी को कोई कैसे भूल सकता है ? श्री कुशवाहा जी की रचनायें , बड़े बूढ़े से लेकर बच्चों तक को अपनी ओर आकर्षित करती हैं ! बहुत बहुत धन्यवाद ऐसी पोस्ट के लिए

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आदरणीय योगेन सर……….प्रेम भाव ही जीवन का रूप है और इसी को बांटते रहने से विचार भी बढ़ते हैं आपकी प्रतिक्रया भी काफी अच्छी लगी…………आशीर्वाद बना रहे

alkargupta1 के द्वारा
September 12, 2012

आनंद प्रवीण जी , आपकी इतनी सुन्दर कलात्मक कृति से मैं अभिभूत हो गयी …. ‘आनंद’ की आनंदमयी लेखनी सदैव आनंद की वर्षा करती रहे…..शुभकामनाएं आपकी स्नेहपगी सम्मानजनक भावनाओं के लिए हार्दिक आभार

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आभार आपका आशीर्वाद हेतु मैम………..आशीर्वाद बना रहे

September 12, 2012

सुस्वागतम मित्र………….! विचारों और भावनाओं का………………….. है शब्द – शब्द में सूर्य तेज, पवमान जैसा विकराल वेग, हैं शांत जैसे जलधि का जल, जब उठे तो लहरों में हलचल, … जग – व्यथा दिखाते है जब – जब, फटने लगती हैं भूमि-अचल, जब वार कलम का करते हैं, कुछ अतुल-शब्द बन पड़ते हैं, …….बहुत खूब………………!

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

     चलो आपसे तारीफ़ सुन अच्छा लगा……..कहाँ गायब हो आज कल……फोन भी ऑफ रखा हुआ है………

akraktale के द्वारा
September 11, 2012

सत्-सत् नमन मै करता हूँ, पुनः प्रणाम मैं करता हूँ, दे सकता ना कुछ भी इनको, पर माँग रहा लंबी आयु, यूँही इनका फैलाव बढे, जैसे चलती शीतल वायु, प्रिय आनंद जी               सादर, बहुत ही सुन्दर भाव प्रकट किये हैं आपने. आपके ही माध्यम से मै भी मंच के इन सभी स्थायी स्तंभों को जन्म दिन की शुभकामनाएं देना चाहता हूँ. सभी को जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं.

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आपका धन्यवाद अशोक सर………….

Chandan rai के द्वारा
September 11, 2012

आनंद मित्र , एक बेहतरीन काव्य प्रस्तुति द्वारा अपने अग्रजो और गुरुओं के प्रति आपका स्नेहिल अनुराग निश्चय ही बधाई का पात्र है ! जिनकी अनुकमा का अनुभव और लाभांश मैंने भी उठाया है ! हार्दिक अभिनन्दन स्वीकारे

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 29, 2012

    आपने पढ़ा और सराहा अच्छा लगा मित्र………..

nishamittal के द्वारा
September 11, 2012

आनंद जी इतने दिन पश्चात आपका मंच पर आगमन हुआ और भी इतनी सुन्दर भावनाओं ,प्रेम और सम्मान के साथ आपने तो अभिभूत कर दिया.हार्दिक आभार और आप जीवन में बुलंदियों को छुएं ऐसी हम सबकी शुभकामनाएं आपके लिए.पुनः शुभकामनाओं और साभार

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 27, 2012

    आपके आशीर्वाद पा तृप्त हुआ……..आशीर्वाद यूँही बना रहे

jlsingh के द्वारा
September 11, 2012

सत्-सत् नमन मै करता हूँ, पुनः प्रणाम मैं करता हूँ, दे सकता ना कुछ भी इनको, पर माँग रहा लंबी आयु, यूँही इनका फैलाव बढे, जैसे चलती शीतल वायु, … दे मार्ग सभी को प्रेम का बस, आशीर्वाद सभी पर बनी रहे, बस यही आग्रह है मेरा, “ये धार कलम कि बनी रहे” ज्यादा कुछ नहीं लिख के अपना नाम यहाँ लिख देता हूँ, लिख दूं? भाई आनंद अजीब प्रतिभा के धनी हो आप ईश्वर आपको ऐसे ही रखें हमेशा पाक साफ़!

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 27, 2012

    यह आपसबों के प्रेम का ही परिणाम है सर की ऐसे स्वर निकलते हैं……..आभारी हूँ

Santosh Kumar के द्वारा
September 11, 2012

प्रिय आनंद भाई ,.सादर नमस्ते गुरुजनो का हार्दिक अभिनन्दन और शुभकामनाये ,…आपका कोटिशः आभार और हार्दिक शुभकामनाये

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 27, 2012

    हार्दिक आभार संतोष भाई

seemakanwal के द्वारा
September 10, 2012

आनंद जी आप ने बहुत सुंदर रूप से बधाई दी .मेरी तरफ से आप लोगों को जन्मदिन की शुभकामनायें .

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    September 27, 2012

    आपका धन्यवाद सीमा जी


topic of the week



latest from jagran